Home Poem प्यार में फिर से पड़ने लगा हूँ

प्यार में फिर से पड़ने लगा हूँ

331
0
SHARE
A couple in love in the sunset on the beach

भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ
हाँ मैं तेरे प्यार में फिर से पड़ने लगा हूँ

सोचा रुक जाएगी ज़िन्दगी, जब उसने मेरे दिल को तोडा
लेकिन तूने आके मेरी ज़िन्दगी में इसका टुकड़ा टुकड़ा जोड़ा

सपने लेने छोड़ दिया था, लगा था तनहा सा रहने
अब तू मिली ज़िन्दगी में और तेरे सपने के सागर में लगा हूँ बहने

भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….

चली गयी थी चेहरे की हंसी आने लगे थे दुःख
तुम मिली ज़िन्दगी में अब सच हैं सारे सुख

प्यार एक शब्दो का खेल हैं. ऐसा लगा था सबसे कहने
आज तो फिर से प्यार हो गया और लगा हूँ तेरे ख्वाबो में रहने

भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here