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दीपा कर्माकर के संघर्ष की कहानी

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रियो ओपलंपिक RIO Olympic 2016 तक पहुचने वाली पहली भारतीय महिला दीपा कर्मकार ( Dipa Karmakar ) की कहानी.

नाम- दीपा कर्मकार ( Dipa Karmakar )

जन्म- 9 अगस्त 1993 अगरतला , त्रिपुरा
उपलभ्धी-2014 में में कांस्य पदक , इनवियों एशियन गेम्स में चौथा नंबर

दीपा  कर्मकार ( Gymnastics Player ) का जन्म अगरतला में हुआ | और मात्रा 6 साल की उम्र से ही उन्होंने जिम्नास्टिक की प्रैक्टिस शुरू कर दी |
किसी को क्या पता था की खेल खेल में शुरू की कई इस प्रक्टिस से दीपा भारत का नाम रोशन करेगी | दीप के कोच है   बिस्बेश्वर  नंदी | जब दीप पहली बार अपने कोच के पास गयी थी तो कोच के सामने सबसे बड़ी समस्या थी दीप के पैर में curve का न होना | जो जिम्नास्टिक  में बहुत ज़रूरी होता है | इसके बिना जिम्नास्टिक  में कूदने में दिक्कत होती है
फिर कई साल की मेहनत के बाद दीपा अपने फील्ड में माहिर हुई | दीपा अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने कोच को ही देती है |
दीपा  ने अपना मैडल 2007 में Junior Nationals  जलपाईगुड़ी में जीत | तब से दीपा ने 77 मैडल जीते हैं जिसमे से 67 सवर्ण पदक है जो राष्टीय , अंतराष्टीय है | 2010 में दीपा ने कॉमन वेल्थ गेम (Common wealth Game ) में हिस्सा लिया | और उसने आशीष कुमार को जिम्नास्टिक में जीतते हुए देखा | उसी दिन से दीपा ने अपने से प्रण किया की भारत का नाम जिम्नास्टिक में रोशन करुँगी |

Olympics 2016 in Hindi

52 साल के ओलेमिक के इतिहास में दीपा कर्माकर पहली भारतीय महिला है जो gymnastic में भारत की तरफ से हिस्सा ले रही है |
इतना ही नहीं अब फाइनल में प्रवेश दीपा कर्माकर ( Dipa Karmakar )  ने एक और इतिहास रच दिया |
दीपा  के माँ के अनुसार ” मेरी बेटी ने पहली प्रतियोगिता में उधर के कपडे लिए थे | और उसके पास जुटे भी नहीं थे | पर उसने अबसबको चौक दिया है |”

दीपा  के शब्द ” जिम्नास्टिक को पहले सर्कस ही समझा जाता था पर अब लोगो की सोच में बदलाब आ रहा है । जिम्नास्ट में मेरा एक गलत मूव  मेरी जान तक ले सकता है। लेकिन में मानती हु की बिना रिस्क के कुछ नही पाया जा सकता ”
‘जब मैंने वॉल्ट करना शुरू किया, तो मेरे कोच बहुत  डरे हुए थे, उन्हें लगा कि मैं या तो अपनी गर्दन तोड़ बैठूंगी या फिर मर जाऊंगी, लेकिन मैं इसी करने को लेकर उतावली थी और कुछ नया कर दिखाना चाहती थी.’

Gymnastic Dipa Karmakar  की सफलता –

2011- में दीप ने  2011 National Games of India में त्रिपुरा को REPRESENT  किया | और ५ स्वर्ण पदक जीते
दीप ने अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने कोच को दिया
2014- Common Wealth Games में कांस्य पदक जीत
2015 -Asian Championships जापान में कांस्य पदक जीत

और 2016 में 1964 के बाद जिम्नास्टिक  में भाग लेने वाली भारतीय बनी .

यहाँ चाह है वहां  राह है यह बात  दीप कर्मकार पर एकदम सही बैठती है , पैरो  का जिम्नास्टिक के अनुकूल न होने पर भी अपनी मेहनत के बल पर दीपा आज भारत का नाम रोशन कर रही है

दीपा को सभी भारतबसियो की तरफ से शुभकामनाये और हम आशा  करते है की वह भारत को RIO Olympic में सवर्ण पदक दिलाएंगी

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